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| झा.रा.अ.जा.स.वि.नि.में आपका स्वागत है। | ![]() |
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| कार्यक्रम/योजनाएँ :- | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
निगम द्वारा वर्तमान में निम्नलिखित योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है :- 1. बैंकों के माध्यम से ऋण एवं अनुदान योजना। 1. बैंकों के माध्यम से अनुदान एवं ऋण योजना :- निगम द्वारा बैंकों के माध्यम से 50.00 हजार रूपये तक की इकाई लागत की आर्थिक विकास योजनाएँ हेतु लाभान्वितों को ऋण तथा अनुदान दिलवाया जाता है। I. आवेदक की आयु 18 से कम तथा 45 वर्ष से अधिक न हो। इस योजना के अन्तर्गत ली जानेवाली योजनाओं और उनका इकाई मूल्य निम्नवत् हैं। बैंकों द्वारा इस योजना अन्तर्गत वित्तपोषण के क्रम में स्थानीय आवश्यकताओं एवं लाभार्थियों की ऋण वहन क्षमता को देखते हुए फेर-बदल किया जा सकता हैं। इस योजना का लाभ कैसे लें :- 1. अगर आप उपरोक्त मानदण्डों के आलोक में अपने को सही पाते हैं तो एक सादे कागज पर अपने तथा अपने परिवार के पूरे विवरण के साथ आवेदन कर सकते हैं। 2. आवेदन-पत्र के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करना जरूरी है :-
(i) जाति प्रमाण-पत्र (ii) आवासीय प्रमाण-पत्र 3. आवेदन-पत्र आप अपने जिले से संबंधित निगम के जिला शाखा के जिला पदाधिकारी के यहाँ हाथो-हाथ या डाक द्वारा भेज सकते हैं। निगम के जिला शाखा तथा सम्बध्द जिलों की सूची आगे देखी जा सकती है। 4. निगम के जिला कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा आपके आवेदन के आलोक में पारिवारिक सर्वेक्षण एवं जांच करायी जायेगी। 5. आपके द्वारा दिये गये आवेदन की जांच निगम की गठित समिति द्वारा भी की जायेगी। 6. सभी दृष्टिकोणों से आवेदन-पत्र सही पाये जाने के पश्चात् जिला कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा आपके आवेदन को बैंकों में भेजा जायेगा। 7. बैंक द्वारा आपके आवेदन पर ऋण स्वीकृत करने के पश्चात् निगम के जिला शाखा से अनुदान राशि की माँग की जायेगी। 8. निगम की जिला शाखा द्वारा बैंकों को अनुदान की राशि विमुक्त की जायेगी। 9. बैंकों द्वारा तदनुसार आपको ऋण मुहैय्या संबंधित योजनाओं में किया जायेगा। 2 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से ऋण योजना:- राष्ट्रीय निगम से सस्ती दरों पर विभिन्न योजनाओं हेतु ऋण प्राप्त कर राज्य के अनुसूचित जाति के सदस्यों के आर्थिक विकास की योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाता है।
1. महिला समृध्दि योजना/लघु ऋण योजना :- इस योजना के अंतर्गत बहुत ही सस्ती दरो पर अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को ऋण मुहैय्या कराया जाता है एवं इसके लिये अनुदान योजना के अनुरूप अर्हताएँ रखने वाले महिलाएँ/पुरूषों को अनुदान भी मुहैय्या कराया जाता है। 2. अनुसूचित जाति के विकास हेतु कार्यरत स्वयं सहायता समूह, जिन्होंने पूर्व में कोई वित्तीय सहायता किसी सरकारी कार्यक्रम के अन्तर्गत नहीं ली है, वे निम्नलिखित पतों पर इस निगम के संबंधित जिला कार्यपालक पदाधिकारी से सम्पर्क कर सकते है। 3. समूह का प्रत्येक सदस्य जो इस योजना से लाभ पाना चाहता हो, अनुसूचित जाति का होना चाहिए और प्रत्येक को पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 20,000/-रूपये और शहरी क्षेत्र में 27,500/-रूपये से कम होनी चाहिए। 4. महिला समृध्दि योजना के अन्तर्गत प्रति सदस्य को 20,000/-रूपये टर्मलोन जिसपर 4 प्रतिशत वार्षिक सूद देय है एवं 10,000/-रूपये अनुदान के रूप में देय है। 5. लघु ऋण योजना के अन्तर्गत प्रति सदस्य को 20,000/- रूपये टर्मलोन जिसपर 5 प्रतिशत वार्षिक सूद देय है एवं 10,000/-रूपये अनुदान के रूप में देय है। इस निगम द्वारा साधारणत: वित्तीय वर्ष के शुरू में समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं, संबंधित स्वयं सहायता समूह जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हों, वे निगम के जिला कार्यपालक पदाधिकारी या मुख्यालय को सादे कागज पर आवेदन दे सकते हैं। 2. टर्मलोन योजना :- इस योजना में अनुदान योजना के अनुरूप अर्हताएँ रखने वाले आवेदक अपना आवेदन दे सकते हैं। इसमें मात्र एक ही बदलाव है कि अनुसूचित जाति के ऐसे सदस्य जिनकी पारिवारिक आय गरीबी रेखा की दुगुनी आय से कम है वें भी आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान में पारिवारिक आय की दुगुनी सीमा ग्रामीण क्षेत्र में 40,000/-रू. तथा शहरी क्षेत्र में 55000/-रू. प्रतिवर्ष है। अब तक निगम द्वारा जिन योजनाओं में ऋण दिया गया है उनकी विवरणी निम्नवत् है :-
इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के लिये 30,000/-रू. से 1,50,000/-रू. तक की योजनाओं के लिये एक सरकारी/अर्ध्दसरकारी सेवा में कार्यरत कर्मी गारंटर के रूप में तथा 1,50,000/-रू. से ऊपर की योजनाओं के लिये दो सरकारी/अर्ध्दसरकारी सेवा में कार्यरत कर्मी को गारंटर के रूप में देना अनिवार्य होगा। अगर कोई वाहन योजना के लिये ऋण लेना चाहता है तो उसे तदनुरूप मर्शियल/प्रोफेशनल ड्राईविंग लाईसेंस का होना आवश्यक है जिसकी छायाप्रति आवेदन-पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
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